• Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Menu
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Search
Close
Home Latest Articles

जिनके नियत में कार्बन-डाई-ऑक्साइड घुली हो उसको कैसे निकाला जाए?

Adv. Dilip Kumar by Adv. Dilip Kumar
September 2, 2021
in Latest Articles
0
जिनके नियत में कार्बन-डाई-ऑक्साइड घुली हो उसको कैसे निकाला जाए?
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • LinkedIn
  • WhatsApp

एक व्यक्ति द्वारा पूछे गए सवाल को मैं आज सार्वजनिक करना चाहता हूँ।

प्रश्न:- मेरे चाचा पैतृक घर से अलग अपना घर बनवा लिए है और उसमें चले गए है। पैतृक घर में का अपना हिस्सा एक हरिजन को बेंच दिए है। वह अनेकों बार गैर कानूनी रूप से कब्जा का प्रयास किया परंतु असफल रहा। अब वह विभाजन का वाद लाया है। मुझे क्या करना चाहिए?

यह केवल सवाल नहीं है, वल्कि एक समस्या है। यह “खून का रिस्ता” के प्रति गुस्सा है। यह गुस्सा कहाँ पर और कैसे समाप्त होगा मैं नहीं जानता हूँ, परंतु प्रश्न कानून से जुड़ा है अतः मैं उसका कानूनी उत्तर ही दें सकता हूँ: –

उत्तर:- निवास गृह में का अपना हिस्सा परिवार से बाहर के किसी व्यक्ति को बेंचना विधि विरुद्ध है। अतः आपके चाचा नें विधि विरुद्ध कार्य किया है। कानून के अनुसार जब कभी भी अविभाजित परिवार का कोई हिस्सेदार निवास गृह में का अपना हिस्सा किसी तीसरे व्यक्ति यानि परिवार से अलग के किसी व्यक्ति को बेंच देता है, और परिवार का कोई व्यक्ति न्यायालय से निवेदन करता है कि वह उस हिस्सेदार का सम्पूर्ण हिस्सा खरीदना चाहता है। वैसी परिस्थिति में न्यायालय उक्त हिस्सा का मूल्य निर्धारित करेगा और उक्त हिस्सा उस इच्छुक हिस्सेदार को बेंच देगा। अतः आप क्रेता द्वारा प्रस्तुत किए गए वाद में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखिए। साथ-ही साथ न्यायालय से प्रार्थना कीजिए कि निवास गृह में आपके चाचा का सम्पूर्ण हिस्सा आप खरीदना चाहते है। आपको सफलता जरूर मिलेगी। (U/S 04 of the Partition Act 1893)
सवाल चुकी एक वकील से किया गया है अतः उसका कानूनी उत्तर तो मैंने दे दिया।

मेरा सवाल आप लोगों से है – जिनके नियत में कार्बन-डाई-ऑक्साइड घुली हो उसको कैसे निकाला जाए?

✍दिलीप कुमार

 

 

  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • LinkedIn
  • WhatsApp
Previous Post

“किराया मुक्ति दिवस”

Next Post

शादी के एक वर्ष के अंदर तलाक की अनुमति: – पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट  

Adv. Dilip Kumar

Adv. Dilip Kumar

Next Post
अपराध कार्य  में  मोबाइल नंबर का उपयोग किया जाता है, तो पहली दायित्व  Mobile Owner  की है: P & H HC

शादी के एक वर्ष के अंदर तलाक की अनुमति: - पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट  

Discussion about this post

Cases Resolved by the DE

Full Stop No. 35/2025 (Family – Dispute)

Full Stop No. 35/2025 (Family – Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
December 29, 2025
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust...

Full-Stop No. 34/2025 (Family Dispute)

Full-Stop No. 34/2025 (Family Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
December 29, 2025
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust,...

Full-Stop No. 33/2025 (Family Dispute)

Full-Stop No. 33/2025 (Family Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
December 29, 2025
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust,...

Load More

Latest Articles on DE

न्याय की लाश

न्याय की लाश

by Adv. Dilip Kumar
January 23, 2026
0

भारतीय न्यायिक व्यवस्था में “तारीख पर तारीख” को मात्र न्याय...

हर पति–पत्नी को डिस्प्यूट ईटर क्यों जानना चाहिए।

हर पति–पत्नी को डिस्प्यूट ईटर क्यों जानना चाहिए।

by Adv. Dilip Kumar
January 21, 2026
0

हिंदू परंपरा में विवाह को केवल सात फेरों की रस्म...

नारी शिक्षा के साथ क्यों कमजोर होती जा रही है विवाह संस्था?

नारी शिक्षा के साथ क्यों कमजोर होती जा रही है विवाह संस्था?

by Adv. Dilip Kumar
January 16, 2026
0

राहुल (काल्पनिक नाम) मेरे सामने बैठा था। उसकी आँखों में...

Judgement from the Court

संयुक्त वसीयत की स्थिति में वसीयत का प्रावधान केवल मृतक वसीयतकर्ता की संपत्ति तक ही सीमित होगा जीवित वसीयतकर्ता की संपत्ति पर प्रभावी नहीं होगा-  केरल उच्च न्यायालय।

संयुक्त वसीयत की स्थिति में वसीयत का प्रावधान केवल मृतक वसीयतकर्ता की संपत्ति तक ही सीमित होगा जीवित वसीयतकर्ता की संपत्ति पर प्रभावी नहीं होगा-  केरल उच्च न्यायालय।

January 7, 2023
बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,  

बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,  

September 19, 2022
नोटरी विवाह/तलाक दस्तावेजों को निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं: – MP HC

नोटरी विवाह/तलाक दस्तावेजों को निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं: – MP HC

November 24, 2021
Load More
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Facebook Twitter Youtube Linkedin
© 2019-2022 – Dispute Eater

Run & Managed by – RAM YATAN SHARMA MEMORIAL TRUST®

made with love at Ambit Solutions (7488039982)
WhatsApp chat