Adv. Dilip Kumar

Adv. Dilip Kumar

“मम्मी, क्या यही मेरे पापा हैं?”

“मम्मी, क्या यही मेरे पापा हैं?” यह कोई साधारण प्रश्न नहीं था। यह उस बच्ची की आत्मा से निकली हुई एक करुण चीख थी, जो परिवार न्यायालय, की दीवारों से...

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योगी बनकर अपनी ही पत्नी से लाखों रुपया ठगा।

वर्ष 2000 की बात है। मेरे गाँव का एक विवाहित व्यक्ति, जिसके तीन छोटे-छोटे बच्चे थे, जिनमें एक दूधमुंहा भी था, अचानक घर छोड़कर चला गया। न उसने किसी से...

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Dispute Eater Theory of Judicial Reform Part-01

  व्यवहार प्रक्रिया संहिता, 1908 में आवश्यक संशोधनों द्वारा सिविल वादों के त्वरित निष्पादन की दिशा में एक पहल भारतीय न्याय प्रणाली में सिविल वादों का लंबा समय तक लंबित...

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Dispute Eater Theory of Bail.

सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय का समय किस काम के लिए? भारतीय न्याय व्यवस्था में जमानत का प्रश्न सदैव बहस का विषय रहा है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438...

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