• Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Menu
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Search
Close
Home Latest Articles

गलतफहमी

Adv. Dilip Kumar by Adv. Dilip Kumar
October 9, 2021
in Latest Articles
0
गलतफहमी
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • LinkedIn
  • WhatsApp

पति काफी हंसमुख था और पत्नी कुछ अधिक साँवली थी। पति को गुनगुनाने की आदत थी। पति ने सोचा भी नहीं था कि गुनगुनाने की उसकी अच्छी आदत शादी के मात्र 2 महीने के भीतर ही मुसीबत बन जाएगी। शादी के बाद पहली बार जब दोनों मिले थे पति शांत होकर अपनी पत्नी का चेहरा निहारता रह गया था। उस समय पत्नी बोली थी कि क्या सोंच रहे है? यही न कि पत्नी काली मिल गई है! पति बोला नहीं ऐसी कोई बात नहीं है। रंग में क्या रखा है। उसी समय से पत्नी के मन में गलतफहमी हो गई थी कि पति उसके काले रंग से काफी असन्तुष्ट है। इस प्रकार शादी के 02 माह बीत गए।

पति हमेशा पत्नी से पहले बिछावन छोड़ता था। सब कुछ सामान्य चल रहा था। एक दिन सोने से पहले पत्नी फ्रीज़ का defrost बटन दबा दिया था। पति सो कर उठा और देखा कि फर्श पर पानी फैला हुआ है। वह सोचा कि पत्नी के जागने  से पहले पानी को पोंछ देना चाहिए। पति ने सोचा कि फर्श चिकना था और उसपर पत्नी फिसलकर गिर सकती थी। पति वाइपर उठाया और फर्श  पर गिरे पानी को पोंछकर बाथरूम की ओर ले गया। बाथरूम का फर्श बिल्कुल सफेद था। फ्रीज़ के नजदीक का पानी वाईपर द्वारा पोंछे जाने के बाद जब बाथरूम के सफेद फर्श पर गिड़ा, गंदगी के कारण फ्रीज़ से निकाल हुआ साफ पानी कालापानी में तब्दील हो चुका था। पति ने वाईपर सही जगह पर रखा और गुनगुनाया “मेरे घर में है कालापानी”। पति यही वाक्य गुनगुनाते हुए बेडरूम की ओर गया। पत्नी ने पति की गुनगुनाहट सुन ली। वह उठी और बोली “माना कि मैं काली हूँ, परंतु तुम्हारे मुहँ से निकला यह शब्द मुझे बहुत पीड़ा पहुँचाया है, तुमको इस प्रकार अपमानित करने का हक नहीं है। पति के लाख समझाने के बाद भी पत्नी नहीं समझी और मामला डिस्प्यूट-ईटर के पास पहुँच गया।

डिस्प्यूट-ईटर नें नवदंपती को अपने कार्यालय में बुलाया। नियत समय पर दोनों कार्यालय में उपस्थित हुए। दोनों ने बारी-बारी से अपना पक्ष डिस्प्यूट-ईटर के समक्ष रखा।

डिस्प्यूट-ईटर के द्वारा दोनों-पक्षों को समझाया गया कि आप लोग अपने मन को शक या धारणा का कारखाना नहीं बनने दें। यदि आपका मन शक या धारणा का कारखाना बना तो आप परिवार टूटने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते है। आपका मन शक या धारणा का कारखाना न बने इसके लिए पति-पत्नी का एक दूसरे के प्रति समर्पित होने जरूरी है। और आपका यही समर्पण आपके मन से शक या धारणा को बाहर निकाल सकेगा। दोनों संतुष्ट होकर अपने घर वापस चले गए।

✍डिस्प्यूट-ईटर।

  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • LinkedIn
  • WhatsApp
Previous Post

शादी के एक वर्ष के अंदर तलाक की अनुमति: – पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट  

Next Post

निःशुल्क विधिक सहायता एक सामाजिक दायित्व

Adv. Dilip Kumar

Adv. Dilip Kumar

Next Post

निःशुल्क विधिक सहायता एक सामाजिक दायित्व

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Login
Notify of
guest
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Cases Resolved by the DE

Full Stop No. 02/2026 (Family – Dispute)

Full Stop No. 02/2026 (Family – Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
January 31, 2026
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust...

Full Stop No. 01/2026 (Family – Dispute)

Full Stop No. 01/2026 (Family – Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
January 31, 2026
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust...

Full Stop No. 35/2025 (Family – Dispute)

Full Stop No. 35/2025 (Family – Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
December 29, 2025
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust...

Load More

Latest Articles on DE

न्यायिक सुधार की दिशा में एक सार्थक पहल।

न्यायिक सुधार की दिशा में एक सार्थक पहल।

by Adv. Dilip Kumar
March 12, 2026
0

न्यायिक सुधार की दिशा में एक सार्थक पहल।   भारत...

विवादों का धोबी: डिस्प्यूट-ईटर।

विवादों का धोबी: डिस्प्यूट-ईटर।

by Adv. Dilip Kumar
March 7, 2026
0

विवादों का धोबी: डिस्प्यूट-ईटर जहाँ झगड़े धुलते हैं और रिश्ते...

“मेरे पास पैसा थोड़ा कम है।”

“मेरे पास पैसा थोड़ा कम है।”

by Adv. Dilip Kumar
February 14, 2026
0

भारतीय समाज में वैवाहिक विवादों को प्रायः “कानूनी समस्या” के...

Judgement from the Court

संयुक्त वसीयत की स्थिति में वसीयत का प्रावधान केवल मृतक वसीयतकर्ता की संपत्ति तक ही सीमित होगा जीवित वसीयतकर्ता की संपत्ति पर प्रभावी नहीं होगा-  केरल उच्च न्यायालय।

संयुक्त वसीयत की स्थिति में वसीयत का प्रावधान केवल मृतक वसीयतकर्ता की संपत्ति तक ही सीमित होगा जीवित वसीयतकर्ता की संपत्ति पर प्रभावी नहीं होगा-  केरल उच्च न्यायालय।

January 7, 2023
बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,  

बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,  

September 19, 2022
नोटरी विवाह/तलाक दस्तावेजों को निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं: – MP HC

नोटरी विवाह/तलाक दस्तावेजों को निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं: – MP HC

November 24, 2021
Load More
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Facebook Twitter Youtube Linkedin
© 2019-2022 – Dispute Eater

Run & Managed by – RAM YATAN SHARMA MEMORIAL TRUST®

made with love at Ambit Solutions (7488039982)
WhatsApp chat
wpDiscuz
0
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x
| Reply