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General Format of Agreement for sale.

Adv. Dilip Kumar by Adv. Dilip Kumar
February 20, 2020
in Property Disputes
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                             महादानामा  (Agreement for Sale)

  1. यह महादामाना आज दिनांक …………………… को   …………. कुमार पुत्र ……………. उम्र लगभग ……….  वर्ष निवासी – ग्राम ………………….. पोस्ट –………….., थाना –………………., जिला –……………………. पिन – ……………………… आधार संख्या …………… Mob No. ………………………… जिनको इस विलेख में इसके बाद प्रथम पक्ष कहा जायेगा।

एवम्

  1. …………. कुमार पुत्र ……………. उम्र लगभग ……….  वर्ष निवासी – ग्राम ………………….. पोस्ट –………….., थाना –………………., जिला –……………………. पिन – ……………………… आधार संख्या …………… Mob No. ………………………… जिनको ईस विलेख में इसके बाद द्वितीय पक्ष कहा जायेगा के बीच निष्पादित किया गया है।
  2. महादानामा (Agreement for Sale)
  3. मूल्य कुल ………………. लाख रुपया
  4. संपत्ति का विवरण:- ग्राम ——– पो० ……. अंचल ……. थाना संख्या ………. जिला ……….. जमाबंदी संख्या……..

खाता नया  खेसरा नया      क्षेत्रफल                    चौहद्दी

…………    ………..        ….. डेसीमल            उत्तर: –           दक्षिण:-          पूरब: –           पश्चिम: –

जमीन का प्रकार –   .. ………………………..

यह कि प्रथम पक्ष और द्वितीये पक्ष एक दुसरे से परिचित है, इस महादानामा में वर्णित संपत्ति प्रथम पक्ष की पैत्रिक संपत्ति है,  जिसपर प्रथम पक्ष का निजी दखल – कब्ज़ा चला आ रहा है।  उक्त भूमि का जमाबंदी अंचल कार्यालाय में प्रथम पक्ष के नाम से स्थापित है, जिसके मालगुजारी का नियमीत भुगतान करके मालगुजारी रसीद प्राप्त करते चले आ रहे है. प्रथम पक्ष को व्यवसाय करने के लिए रूपए की नितांत आवश्यकता है, जिसकी पूर्ति इस विलेख के कंडिका 05 में वर्णित संपत्ति को बिक्रय किए बिना संभव नहीं है. प्रथम पक्ष ने द्वितीय पक्ष से कंडिका 05 में वर्णित संपत्ति की बिक्री करने का प्रस्ताव दिया, जिसको द्वितीये पक्ष ने स्वीकार कर लिया. दोनों पक्षों की सहमती से भूमि की कुल कीमत …………………… रुपया तय किया गया।  प्रथम पक्ष कुल   ……………….. रुपया अपने बैंक खाता में (RTGS, NEFT और नगद चैक) रुपया प्राप्त कर चुके है। उक्त राशि पाकर प्रथम पक्ष यह महादानामा द्वितीये पक्ष के पक्ष में लिख दिया. प्रथम पक्ष यह वचन देते है कि    …………..  माह के अन्दर द्वितीये पक्ष को उपरोक्त भूमि केवाला आवश्य कर देंगे तथा शेष राशी केवाला के निबंधन की तिथि को द्वितीये पक्ष से प्राप्त कर लेंगे. यदि प्रथम पक्ष केवाला लिखने में विलम्ब करते है तो द्वितीये पक्ष को न्यायालय द्वारा केवाला लिखवा लेने का पूरा अधिकार होगा.

प्रथम पक्ष द्वारा यह प्रमाणित किया जाता है कि इस विलेख की कंडिका 05 की संपत्ति खास – महाल, गैरमजरुआ आम या खास, सरकारी, भूदान, परचा इत्यादि से सम्बंधित भूमि नहीं है बल्कि उक्त भूमि पूर्णतया प्रथम पक्ष की व्यक्तिगत स्वामित्व बाली भूमि है और सभी प्रकार के विलंग्मो से पुर्णतः मुक्त है. प्रथम पक्ष द्वारा यह भी प्रमाणित किया जाता है कि इस विलेख की अंतर्वस्तु को प्रथम पक्ष के निर्देशानुसार तैयार करवाया गया है, जिसे पढ़कर, समझ – बुझ कर, अपने – अपने लाभ – हानि पर विचार करके प्रथम पक्ष द्वारा अंगुलियां के निशान और हस्ताक्षर किया है जिसकी सम्पुष्टि में गवाह्गन एवं द्वितीय पक्ष ने भी अपना-अपना हस्ताक्षर बनाया है ताकि प्रमाण रहे और समय पर काम आए.

 

हस्ताक्षर प्रथम पक्ष                                                              हस्ताक्षर द्वितीय  पक्ष

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