• Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Menu
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Search
Close
Home Sec. Message

Special Marriage Act में संशोधन का कोई प्रस्ताव नहीं है :- प्रधान मंत्री कार्यालय।

Adv. Dilip Kumar by Adv. Dilip Kumar
July 23, 2021
in Sec. Message
0
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • LinkedIn
  • WhatsApp

राम यतन शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट मुजफ्फरपुर द्वारा दिनांक 22.05.2020 को भारत के माननीय प्रधान मंत्री को तीन पत्र लिखा गया था। जिसका विषय था:-

  1. विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 04 (c) और 15(d) में के विरोधाभाष को समाप्त करने के संदर्भ में। 
  2. विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 15(f) में वर्णित “30 दिन की अवधि” को समाप्त/कम करने के संदर्भ में।
  3. “तलाक की स्थिति में पति या पत्नी द्वारा अर्जित वैसी संपत्ति जिसको पति या पत्नी ने शादी के बाद अर्जित किया है, में पति – पत्नी को बराबर-बराबर हिस्सा दिलाने हेतु कानून में आवश्यक संशोधन करने के संबंध में”।

आज दिनांक 23.07.2021 को Shri Bahadur Singh, Assistant Legislative Counsel द्वारा सूचित किया गया कि विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 15(f) में वर्णित “30 दिन की अवधि” को समाप्त/कम करने के संदर्भ में कोई प्रस्ताव विभाग के पास नहीं है।  “There is no such proposal with this Department to amend the Special Marriage Act 1954”.

ऐसा ही एक संदेश दिनांक 22.02.2021 को Shri Bahadur Singh, Assistant Legislative Counsel sद्वारा संस्था को प्रेषित किया गया था जिसके द्वारा सूचित किया गया कि “तलाक की स्थिति में पति या पत्नी द्वारा अर्जित वैसी संपत्ति जिसको पति या पत्नी ने शादी के बाद अर्जित किया है, में पति – पत्नी को बराबर-बराबर हिस्सा दिलाने हेतु कानून में आवश्यक संशोधन करने का कोई प्रस्ताव विभाग के पास नहीं है।   “at present there is no such proposal with this Department to amend the marriage laws relating to divorce”.

ट्रस्ट द्वारा एक मांग जिसके द्वारा विशेष विवाह अधिनियम 1954 की धारा 04 (c) और 15(d) में के विरोधाभाष को समाप्त करने का अनुरोध किया गया था उक्त आवेदन का निस्तारण अभी बाकी है।

दिलीप कुमार
सचिव

PM Office Reply

 

 

  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • LinkedIn
  • WhatsApp
Previous Post

अधिवक्ताओं का अपमान करने वाले पुलिस अधिकारियों से गंभीरता से निपटा जाएगा’: – तेलंगाना हाईकोर्ट

Next Post

किराया मुक्ति दिवस

Adv. Dilip Kumar

Adv. Dilip Kumar

Next Post
किराया मुक्ति दिवस

किराया मुक्ति दिवस

Discussion about this post

Cases Resolved by the DE

Full Stop No. 35/2025 (Family – Dispute)

Full Stop No. 35/2025 (Family – Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
December 29, 2025
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust...

Full-Stop No. 34/2025 (Family Dispute)

Full-Stop No. 34/2025 (Family Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
December 29, 2025
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust,...

Full-Stop No. 33/2025 (Family Dispute)

Full-Stop No. 33/2025 (Family Dispute)

by Adv. Dilip Kumar
December 29, 2025
0

Dispute-Eater Run & Managed by Ram Yatan Sharma Memorial Trust,...

Load More

Latest Articles on DE

“मम्मी, क्या यही मेरे पापा हैं?”

“मम्मी, क्या यही मेरे पापा हैं?”

by Adv. Dilip Kumar
January 8, 2026
0

“मम्मी, क्या यही मेरे पापा हैं?” यह कोई साधारण प्रश्न...

योगी बनकर अपनी ही पत्नी से लाखों रुपया ठगा।

योगी बनकर अपनी ही पत्नी से लाखों रुपया ठगा।

by Adv. Dilip Kumar
November 23, 2025
0

वर्ष 2000 की बात है। मेरे गाँव का एक विवाहित...

Dispute Eater Theory of Judicial Reform Part-01

Dispute Eater Theory of Judicial Reform Part-01

by Adv. Dilip Kumar
September 24, 2025
0

  व्यवहार प्रक्रिया संहिता, 1908 में आवश्यक संशोधनों द्वारा सिविल...

Judgement from the Court

संयुक्त वसीयत की स्थिति में वसीयत का प्रावधान केवल मृतक वसीयतकर्ता की संपत्ति तक ही सीमित होगा जीवित वसीयतकर्ता की संपत्ति पर प्रभावी नहीं होगा-  केरल उच्च न्यायालय।

संयुक्त वसीयत की स्थिति में वसीयत का प्रावधान केवल मृतक वसीयतकर्ता की संपत्ति तक ही सीमित होगा जीवित वसीयतकर्ता की संपत्ति पर प्रभावी नहीं होगा-  केरल उच्च न्यायालय।

January 7, 2023
बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,  

बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार – सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला,  

September 19, 2022
नोटरी विवाह/तलाक दस्तावेजों को निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं: – MP HC

नोटरी विवाह/तलाक दस्तावेजों को निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं: – MP HC

November 24, 2021
Load More
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
  • Home
  • About
  • Our Aim
  • Team
  • Photos
  • We Contribute
  • Online Appointment
  • Donate Us
  • FAQs
  • Contact
Facebook Twitter Youtube Linkedin
© 2019-2022 – Dispute Eater

Run & Managed by – RAM YATAN SHARMA MEMORIAL TRUST®

made with love at Ambit Solutions (7488039982)
WhatsApp chat