Adv. Dilip Kumar

Adv. Dilip Kumar

वर्षों तक विवाद का लंबित रहना भी न्यायालय की अवमानना माना जाए।

मुकदमे के त्वरित निष्पादन में विलंब का मूल कारण न्यायाधीश की कमी, न्यायाधीश या वकील की अपात्रता और प्रक्रिया संबंधी कानून में जटिलता महत्वपूर्ण है। मुकदमे के त्वरित निष्पादन के...

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IN THE SUPREME COURT OF INDIA CIVIL APPELLATE JURISDICTION CIVIL APPEAL NO. 1724 OF 2021 (ARISING OUT OF SLP (C) NO. 27881 OF 2019) माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निजी स्कूल में अपने बच्चे को पढ़ाने वाले अभिभावक के लिए राहत देनेवाला फैसला सुनाया है। दिनांक 03.05.2021 को माननीय सर्वोच्च...

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भरण-पोषण के आदेश की अवहेलना पर पति को तीन महीने के लिए जेल:- सर्वोच्च न्यायालय।

अपनी पत्नी को मासिक भरण-पोषण के साथ-साथ बकाया भरण-पोषण/भत्ते का भुगतान के न्यायिक आदेश की अवहेलना पति को महंगा पड़ा। दिनांक 22.03.2021 के आदेश में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कहा...

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Maintenance to a working lady with sufficient Salary Not permissible- SC

IN THE SUPREME COURT OF INDIA CIVIL APPELLATE JURISDICTION CIVIL APPEAL NO. 3975 OF 2010 H.P.Puttaswamy ..……. Appellant Versus Thimmamma & Ors. ……,..Respondents माननीय सर्वोच्च न्यायालय नें एक ताजा निर्णय...

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पीड़ित पत्नी के पक्ष में अंतरिम अनुतोष प्रदान करने के लिए घरेलू हिंसा प्रतिवेदन की मांग जरूरी नहीं है:-  Allahabad HC.

In the matter of Criminal Revision No. 15/2014 (Ashish Gupta Vs State of U.P & Ors the Hon'ble Allahabad HC pronounced that “No requirement of obtaining DIR before passing any...

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बिहार के लगभग सभी जिला में अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी और मुंसिफ़ का वर्षों से खाली पदों पर तत्काल पीठासीन पदाधिकारी की नियुक्ति हेतु ट्रस्ट द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश और...

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