Dispute-Eater
Run & Managed by
Ram Yatan Sharma Memorial Trust
Muzaffarpur.
Full Stop No. 07/2026
(Family – Dispute)
Date of Compromise- 13.05.2026
Court Case Details:
Name of the Court: – Principal Judge, Family Court Muzaffarpur, Bihar
Matrimonial Case No. /2026
Name of the Petitioner No.01: – xxxxx Kumar @ xxxxx (Husband)
Name of the Petitioner No. 02: – xxxxx Kumari @ xxxx (Wife)
Name of the daughter:- xxxxx.
Address of the Husband village- xxxxx, Ps – xxxx, District Muzaffarpur.
Address of the wife & Daughter – Village & Po- xxxxx, PS- xxxxxx, District- Muzaffarpur.
Background of the Parties
The 01st Party (husband) and 02nd Party (wife) were married on xx.xx.2005 at Muzaffarpur in accordance with Hindu rites and customs. The marriage was duly consummated, and a daughter, Ms. xxxxx Kumari, was born on 16.xx.20xx. The daughter presently resides with her mother.
Subsequently, matrimonial discord arose, leading to multiple proceedings between the parties:
- Matrimonial (Divorce) Case No. 451/2016 (U/s 13 HMA).
- Complaint Case No. 2779/2014 (U/s 498A, IPC & Sec. 03/04 DP Act) pending before SDJM, East Muzaffarpur.
- Maintenance Case No. 20/2016 (U/s 125 Cr.P.C.) – pending before Family Court, Muzaffarpur.
Settlement Through Dispute-Eater
न्यायालय के मौखिक निर्देश पर यह वाद डिस्प्यूट-ईटर के पास भेज गया। दोनों पक्ष के बीच बात-चित के बाद यह दोनों आपसी सहमति से अलग रहने के विंदु पर सहमत हो गए। दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ जो निम्न प्रकार है:-
1. यह कि प्रथम पक्ष कुल 8,00,000.00 रुपया अपनी पत्नी और बेटी (द्वितीय-पक्ष) के भरण-पोषण, पढ़ाई और शादी में होनेवाला खर्च के रूप में को बैंक ड्राफ्ट द्वारा प्रदान करेंगे। उक्त राशि से कुल 6,00,000.00 रुपया अपनी पुत्री xxxxxx के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कर देंगे और उस राशि को xxxxxxxxx न्यायालय के आदेश से निकाल सकेगी। और शेष राशि xxxxxx अपने अनुसार खर्च करेंगी।
i. ₹6,00,000/- पुत्री xxxxxxxxx के नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा किए जाएंगे।
ii. शेष ₹2,00,000/- द्वितीय पक्ष अपने उपयोग हेतु रखेगी।
2. यह कि उक्त राशि का भुगतान आपसी सहमति से तलाक (Mutual Divorce) के द्वितीय मोशन के समय किया जाएगा।
3. यह कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से धारा 13B हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत तलाक की याचिका परिवार न्यायालय, मुजफ्फरपुर में दायर करेंगे।
4. यह कि तलाक से पूर्व दोनों पक्ष अपने-अपने लंबित सभी मामलों को विधि अनुसार समाप्त/वापस ले लेंगे।
5. यह कि पुत्री xxxxxx अपनी माता (xxxxxxx) के साथ रहेगी, जिसकी सम्पूर्ण देखरेख एवं जिम्मेदारी xxxxxx की होगी।
6. यह कि प्रथम पक्ष को, यदि वह चाहे, तो पुत्री से समय-समय पर मिलने का उचित अधिकार (Visitation Right) रहेगा, जिसकी व्यवस्था आपसी सहमति से होगी।
7. यह कि इस समझौते के पश्चात xxxxx एवं उनकी पुत्री, प्रथम पक्ष से किसी भी प्रकार के भरण-पोषण अथवा गुजारा भत्ते (अंतरिम/भूतपूर्व/भविष्य) का कोई दावा नहीं करेंगे। साथ ही, इस समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर होते ही भरण-पोषण वाद संख्या 20/2016 में परिवार न्यायालय मुजफ्फरपुर द्वारा पारित अंतरिम भरण-पोषण आदेश स्वतः प्रभावहीन हो जाएगा।
8. यह कि यहाँ यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस समझौता के बाद पुत्री भी भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती है, परंतु पुत्री का पैतृक संपत्ति में वैधानिक अधिकार इस समझौते से प्रभावित नहीं होगा।
9. यह कि यदि कोई पक्ष इस समझौते का उल्लंघन करता है, तो पीड़ित पक्ष को विधि अनुसार उचित कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
10.यह कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के निजी, सामाजिक एवं व्यावसायिक जीवन में हस्तक्षेप नहीं करेंगे और सोशल मीडिया पर कोई अपमानजनक सामग्री पोस्ट नहीं करेंगे।
11.यह कि यह समझौता दोनों पक्षों के मध्य पूर्ण एवं अंतिम (Full & Final Settlement) है तथा इससे पूर्व के सभी मौखिक/लिखित समझौते निरस्त माने जाएंगे।
12. यह कि दोनों पक्ष यह घोषित करते हैं कि उन्होंने स्वतंत्र कानूनी परामर्श प्राप्त किया है और यह समझौता बिना किसी दबाव, धोखाधड़ी या प्रलोभन के स्वेच्छा से किया गया है।
13. यह कि दोनों पक्ष इस समझौते का पूर्ण रूप से पालन करने के लिए बाध्य होंगे।
14. यह कि यह समझौता तीन मूल प्रतियों में तैयार किया गया है, जिसमें एक-एक प्रति दोनों पक्षों को तथा एक प्रति “डिस्प्यूट-ईटर” कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएग
15. यह कि यह सहमति पत्र दोनों पक्षों के मध्य पूर्ण एवं अंतिम समझौता है और भविष्य में वे एक-दूसरे पर किसी भी प्रकार का दावा नहीं करेंगे, भले ही परिस्थितियां बदलें।
16. यह कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि वे इस संपूर्ण समझौते का पालन पूर्ण रूप से करेंगे।
17.यह कि यह समझौता तीन मूल प्रतियों में तैयार किया गया है, जिसकी एक-एक पक्षकारों हेतु और एक “डिस्प्यूट-ईटर” कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी।
18.यह कि दोनों पक्षों ने अपनी स्वेच्छा से, बिना किसी दबाव, जबरदस्ती या धोखाधड़ी के इस समझौते पर सहमति दी है।
इस प्रकार दोनों पक्षों के बीच वर्ष 13 वर्ष से चली आ रही विवाद का पूर्ण-विराम हो गया।
डिस्प्यूट-ईटर की ओर से हस्ताक्षर
दिनांक 13.05.2026










