Adv. Dilip Kumar

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कानूनी प्रावधान जो त्वरित न्याय दिला सकते है।

नीचे लिखे प्रावधानों का कठोरता से पालन करने पर त्वरित न्याय की प्राप्ति मुमकिन है। घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के अधीन प्रस्तुत वाद की सुनवाई, वाद...

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सौभाग्य संख्या – 01

यदि कोई व्यक्ति (वादी/प्रतिवादी) राम यतन शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट मुजफ्फरपुर के कार्यालय में आकर कहता/कहती है कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और संपत्ति और परिवार से संबंधित विवादों...

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दहेज प्रतारणा का वाद और उससे बचाव से संबंधित कानून, एक नजर में।

किसी महिला के पति या उनके नातेदार द्वारा उस महिला के प्रति क्रूर व्यवहार करना भारतीय दंड संहिता की धारा 498(ए) के अंतर्गत अपराध है और उस महिला को पति...

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वैवाहिक मामलों में क्यों भेजे जाते हैं लीगल नोटिस और क्या है कानूनी बाध्यता।

पति और पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद होने के परिणामस्वरूप तलाक और भरण पोषण जैसे मामले बनते हैं। तलाक के या भरण पोषण का मामला न्यायालय में दर्ज करवाने के...

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आपस में मोबाईल का पासवर्ड सांझा करनेवाली दम्पत्ति के बीच तलाक की संभावना न के बराबर।

आप यदि आपस में मोबाईल का पासवर्ड सांझा करनेवाली दम्पत्ति है तो आपकी तलाक की संभावना न के बराबर है। आज जहाँ मोबाईल पति-पत्नी के बीच दरार पैदा करने में...

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नोटरी विवाह/तलाक दस्तावेजों को निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं हैं: – MP HC

ओथ कमिशनर और नोटरी पब्लिक द्वारा स्वयं को तलाक, विवाह आदि से संबंधित दस्तावेजों के निष्पादन में शामिल होने की प्रथा पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त की...

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जमाबंदीधारी की मृत्यु के उपरांत एक निश्चित समय के भीतर जमाबंदी ……………

जमाबंदीधारी की मृत्यु के उपरांत एक निश्चित समय के भीतर जमाबंदी का विभाजन अनिवार्य हो जाने से सिविल प्रकृति के वाद में भारी कमी आ सकती है। सिविल प्रकृति के...

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न्यायिक हादसा (A Judicial Accident)

  न्यायिक कार्य के दौरान कभी-कभी ऐसी अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिसे न्यायिक हादसा की संज्ञा दी जा सकती है। न्यायालय में दो तरह के अधिकारी होते है।...

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